कबड्डी की जड़ें और ऐतिहासिक विकास
कबड्डी का इतिहास हजारों साल पुराना माना जाता है। वैदिक काल में इसे सामूहिक शक्ति और चपलता की परीक्षा के रूप में खेला जाता था। महाराष्ट्र में इसे 'हू-तू-तू', तमिलनाडु में 'चेडुगुडु' और पंजाब में 'कबड्डी' के नाम से जाना गया। 1938 में कलकत्ता में हुए राष्ट्रीय खेलों में पहली बार कबड्डी को औपचारिक मान्यता मिली। 1950 में अखिल भारतीय कबड्डी महासंघ
की स्थापना हुई और राष्ट्रीय नियम तय हुए। आज यह खेल एशियाई खेलों और विश्व स्तर पर भारत की पहचान बन चुका है।